भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

अंतर्विरोध

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ भीतरी विरोध। विक. अर्थ दो कथनों के बीच परस्पर विचारात्मक विरोध।

अंतर्विवाह

(पुं.) (तत्.)

समा. अपने गोत्र को छोड़कर। एक ही वर्ग, समाज या जाति में पूर्व निर्धारित तत्कालीन स्थानीय नियमों के अनुसार किया गया विवाह। तु. बहिर्विवाह।

अंतर्विष्‍ट

(वि.) (तत्.)

एक के दूसरे में सम्मिलित होने या किए जाने की स्थिति; मिलाया हुआ, समाया हुआ। उदा. आपने अब जो कहा, वह तो आपकी पहले वाली बात में अंतर्विष्‍ट है ही।

अंतर्वृत्‍त

(पुं.) (तत्.)

वह वृत्‍त जो त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है और पूर्ण रूप से त्रिभुज के अंदर होता है। 2. वृत्‍त के अंदर बना दूसरा वृत्‍त। incircle

अंतर्वेद

(पुं.) (तत्.)

वह क्षेत्र जो दो नदियों के बीच स्थित है। दोआबा। जैसे : उत्‍तर प्रदेश का फतेहपुर जिला अंतर्वेद में है, क्योंकि यह गंगा और यमुना नदियों के बीच में है।

अंतर्वेदना

(स्त्री.) (तत्.)

अंत:करण/मन में महसूस किया जा रहा कष्‍ट, मन की व्यथा।

अंतर्व्यथा

(स्त्री.) (तत्.)

मन में अनुभव की जाने वाली कोई पीड़ा या हृदय की पीड़ा जिसे व्यक्‍त करना कठिन हो। पर्या. अंतर्वेदना उदा : तुम किस अंतर्व्यथा का ताप झेलते निसदिन।

अंत-व्यापी

(वि.) (तत्.)

सभी में व्याप्‍त, सभी में समाया हुआ।

अंतसंबंध

(पुं.) (तत्.)

दो या दो से अधिक इकाइयों के बीच विकसित परस्पर संबंध।

अंतस्तल

(पुं.) (तत्.)

हृदय या मन की गहराई।

अंतस्थ

(वि.)

दे. अंत:स्थ

अंतहीन

(वि.) (तत्.)

अंत से रहित, जिसका अंत न हो, असीम।

अंतिम

(वि.) (तत्.)

क्रमानुसार सबसे पीछे या बाद का पर्या. आखिरी।

अंतिम क्रिया

(स्त्री.) (तत्.)

शरीर छूटने के बाद की संस्कार विधि।

अंतेवासी

(पुं.) (तत्.)

(गुरुकुल परंपरा में) गुरु के पास रहकर शिक्षा प्राप्‍त करने वाला, शिष्य inmate 2. किसी के साथ रहकर काम सीखने वाला, प्रशिक्षु। apprenticen

अंत्यज

(वि./पुं.) (तत्.)

(वर्णव्यवस्था के सोपान क्रम के) अंतिम स्तर में जन्मा (व्यक्‍ति)। जाति प्रथा के अंतर्गत ‘शूद्र’ कहा जाने वाला चौथा वर्ण, अछूत; (आधुनिक शब्दावली में) दलित (वर्ग)।

अंत्याक्षरी

(वि.) (तत्.)

अंतिम अक्षर स्त्री. अंतिम अक्षर से शुरू होने वाली मनोरंजक बौद्धिक प्रतियोगिता जिसमें एक दल द्वारा सुनाए गए पद्य के अंतिम अक्षर को आधार बनाकर दूसरा दल नवीन पद्य सुनाता है और पुनरुक्‍ति रहित। यही क्रम तब तक चलता रहता है जब तक कोई दल असफल न हो जाए।

अंत्येष्‍टि

(स्त्री.) (तत्.)

व्यक्‍ति की मृत्यु के पश्‍चात् किए जाने वाले धार्मिक कर्मकांड, पर्या. अंतिम संस्कार, अंत्यकर्म।

अंदर

(अव्य.) (फा.)

भीतर, में पुं. (फा.) भीतरी भाग उदा. संदूक के अंदर से कपड़े निकाले।

अंदरूनी

(वि.) (फा.)

भीतर का, अंदर का, भीतरी।
Follow Us :   
  Download Bharatavani App
  Bharatavani Windows App