भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Hindi Paribhashik Laghu Kosh (CHD)

Central Hindi Directorate (CHD)

अंजन

(पुं.) (तत्.)

आँखों में लगाने का काला औषधि द्रव्य पर्या. काजल, कज्जल, सुरमा।

अंजलि

(स्त्री.) (तत्.)

दोनों हथेलियों को मिलाने से बना हुआ किश्तीनुमा गड्डा जिसमें भर कर कुछ देय तत्व (जलदान, अन्नदान, पुष्पार्पण आदि) दिया जाता है।

अंजलिबद्ध

(वि.) (तत्.)

अंजलि बाँध ली है जिसने, ऐसी (स्थिति) जिसमें अंजलि बँधी हो, दोनों हाथ जोड़े हुए।

अंजाम

(.फा.) (फ़ा.)

परिभाषा, फल, नतीजा, अंत, समाप्‍ति। उदा. बुरे काम का अंजाम बुरा ही होता है।

अंट-शंट/संट

(वि.)

दे. अंड-बंड।

अंटार्कटिक प्रदेश

(पुं.)

दक्षिण ध्रुव के आस-पास का विशाल बर्फीला महाद्वीप जैसा स्थल क्षेत्र जहाँ पैंगुइन जैसा पक्षी बहुतायत में पाया जाता है।

अंड

(पुं.) (तत्.)

सा.अर्थ गोलाकार आकृति, अंडा। जैसे : ब्रह्मांडजीव। मादा जनन कोशिका जिसमें अगणित संख्या में गुण सूत्र होते हैं तथा पीतक झिल्ली से घिरा कम-ज्यादा मात्रा में पीतक ovum होता है।

अंडज/अंडप्रजक

(वि./पुं.) (तत्.)

अंडे से उत्पन्न होने वाले जैसे : पक्षी, सरीसृप (सर्प, छिपकली), मछली, मगरमच्‍छ आदि। oviparous तु. उद्भिज, जरायुज (पिंडज), स्वेदज।

अंडजोत्पत्‍ति [अंडज+उत्पत्‍ति]

(स्त्री.) (तत्.)

शा. अर्थ अंडे से उत्पन्न होना, अंडज प्राणी का जन्म लेना, प्रकट होना। जीव. बाह्य निषेचन वाले जंतुओं में (जैसे मेंढक) अंडावरण में भ्रूण का विकास पूर्ण होने पर बाहर निकलना (जैसे : टेडपोल का)

अंडप्रजक (= अंडज)

(वि./पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ 1. अंडा जनने वाला, अंडा देने वाला 2. अंडे से उत्पन्न उन प्राणियों के लिए प्रयुक्‍त जो बच्चे न देकर अंडे देते हैं। टि. स्तनधारी प्राणियों mammals को छोड़कर लगभग सभी प्राणी इसी श्रेणी में आते है। तु. जरायुज।

अंड-बंड

(वि.) (तत्<अंड+अनु.बंड)

बेसिर-पैर का; भद्दा और अनुचित; ऊटपटांग; श्रृंखलाहीन।

अंडवाहिनी

(स्त्री.) (तत्.)

जीव. मानव में मादा जननांग (अंडाशय) से विकसित अंडाणु को गर्भाशय तक ले जाने वाला अंग; डिंबवाहिनी।

अंडा

(पुं.) (तद्.<अंड)

वह गोलाकार या लंब-गोलाकार कवच जिसमें पक्षी, सरीसृप, कीट, मछली आदि प्राणियों के भ्रूण विकसित होते हैं तथा परिपक्व होने के बाद कवच टूटने पर बाहर निकलते हैं। टि. इसीलिए ऐसे प्राणियों को द्विज अर्थात् ‘दो बार जन्म लेने वाला’ कहा जाता है।

अंडाकार

(वि.) (तत्.)

अंडे जैसे आकार वाला। पुं. अंडे के समान बना आकार।

अंडाणु (डिंब)

(पुं.) (तत्.)

मादा प्राणियों में अंडाशय द्वारा उत्पन्न परिपक्व जनन कोशिका।

अंडाशय

(पुं.) (तत्.)

शा. अर्थ अंड के रहने की जगह; अंड का विश्राम स्थल, प्राणि. प्राणियों में प्रमुख मादा जनन-अंग जिससे अंडाणु उत्पन्न होता है। टि. कशेरूकी प्राणियों में इससे मादा लैंगिक हार्मोन भी निकलता है। वन. जायांग का निचला स्थूल अंश जिसमें बीजांड स्थित होता है।

अंडोत्सर्ग

(पुं.) (तत्.)

जीव. स्त्री जननांग अंडाशय से विकसित अंडाणु (डिंब) का निर्मोचन।

अंत:करण

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ आंतरिक कार्य करने का साधन। मनो. 1. मनुष्य की संकल्प-विकल्पात्मक और विवेकसम्मत भेद करने वाली चित्‍तवृत्‍ति। 2. पुं. सामान्य प्रयोग मन, हृदय, बुद्धि आदि।

अंत:कोण

(पुं.) (तत्.)

शा.अर्थ भीतरी कोना गणि. त्रिभुज या बहुभुज के अंदर का कोण।

अंत:पाशन

(पुं.)

शा.अर्थ भीतरी जोड़ या बाँधने की क्रिया। इंजी. परस्पर संपर्क में आने वाले दो पुर्जों, दोलित्रों के बीच की अनियमिताएँ जो एक-दूसरे में धँस जाती हैं, जिनसे घर्षण बढ़ जाता है। इसे स्नेहक grease से कम किया जा सकता है। (पर्या. अंतर्बंधन) interlinking
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