भारतीय भाषाओं द्वारा ज्ञान

Knowledge through Indian Languages

Dictionary

Rajaneetivijnan Paribhasha Kosh (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Vacillating policy

अस्थिर नीति, ढुलमुल नीति वह नीति जिसमें स्थिरता एवं आत्मविश्वास का अभाव हो।

Vatican City

वेटिकन नगर इटली में रोम के निकट एक नगर-राज्य जिसका प्रधान ईसाइयों का धर्मगुरु पोप है। इसका क्षेत्रफल लगभग 100 एकड़ है और जनसंख्या केवल दो सौ। यद्यपि पोप को परंपरा और राज व्यवहार के अंतर्गत वे सभी अघिकार प्राप्त हैं जो अन्य राज्याध्यक्षों को अंतर्राष्ट्रीय विधि के अंतर्गत प्राप्त होते हैं परंतु इस नगर के क्षेत्रफल व जनसंख्या और विशिष्ट उद्देश्यों को देखते हुए यह विवादग्रस्त है कि इस नगर को एक राज्य कहा जा सकता है या नहीं।

Very Important Person (VIP)

अति विशिष्ट व्यक्ति (वी.आई.पी.) ऐसे महत्वपूर्ण पदाधिकारी जिन्हें प्रशासन के द्वारा विशेष सम्मान एवं संरक्षण तथा सुविधाएँ दी जाने की व्यवस्था रहती है।

Veto

निषेधाधिकार, वीटो 1. सरकार के किसी अंग या विभाग विशेष को प्राप्त वह अधिकार अथवा शक्ति जिसके द्वारा वह सरकार के किसी अन्य अंग अथवा विभाग की योजनाओं को अंतिम या अनंतिम रूप से निषिद्ध कर सकता है। विशेषकर मुख्य कार्यपालक में निहित वह शक्ति अथवा विशेषाधिकार जिसके द्वारा वह विधानमंडल द्वारा पारित विधेयकों अथवा प्रस्तावों को स्थायी या अस्थायी रूप से रोक सकता है। 2. संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद् के पाँच स्थायी सदस्यों को प्राप्त अधिकार जिसका प्रयोग करके उनमें से कोई भी एक सदस्य विचाराधीन प्रस्ताव के विरुद्ध नकारात्मक मत देकर उस प्रस्ताव को अस्वीकार करा सकता है। उसका यह नकारात्मक मत “निषेधाधिकार” कहलाता है।

Viceroy

वायसराय भारतवर्ष में ब्रिटिश शासन काल के दौरान ब्रिटिश सम्राट द्वारा नियुक्त सर्वोच्च कार्यपालक को वायसराय एवं गवर्नर जनरल कहा जाता था। “वायसराय” के रूप में वह देशी रियासतों के लिए ब्रिटिश सम्राट का प्रतिनिधि होता था और गवर्नर जनरल के रूप में वह ब्रिटिश भारत में कार्यपालिका का अध्यक्ष होता था।

Visa

प्रवेशपत्र, वीज़ा किसी राज्य के नागरिक द्वारा किसी अन्य राज्य की सरकार से प्राप्त वह अनुमति जिसके द्वारा वह उस राज्य में प्रवेश करने, यात्रा करने तथा बसने या वहाँ किसी प्रकार का व्यवसाय करने के लिए समर्थ हो जाता है। यह अनुमति “वीज़ा” या “प्रवेशपत्र” कहलाती है। वीज़ा देने के लिए लिए संबद्ध राज्य के सक्षम अधिकारी द्वारा पासपोर्ट पर यह पृष्ठांकन कर दिया जाता है कि यात्री के पासपोर्ट की जाँच कर ली गई है और वह उस राज्य में प्रवेश पा सकता है। वीज़ा प्रायः संबद्ध राज्य के वाणिज्य दूतावास से प्राप्त किया जा सकता है।

Voice vote (= vote by voice)

मौखिक मत, ध्वनि मत; मौखिक मतदान संसदीय पद्धति में मत लेने की वह प्रणाली जिसके अंतर्गत पीठासीन अधिकारी के आदेश पर सदस्य “हाँ” या “न” कहकर किसी प्रस्ताव, विधेयक, संकल्प आदि के प्रति अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति प्रकट करते है और जिस पक्ष की और से आवाजें अधिक ऊँची होती हैं, उसी पक्ष के अधिक मत मान लिए जाते हैं। इस पद्धति में मतों को अलग-अलग गिनने की आवश्यकता नहीं होती।

Volkgeist

लोकात्मा किसी जन समूह विशेष की आत्मा, प्रेरणा, संस्कृति, अभिरुचि अथवा प्रवृत्ति जो जनमत के निर्माण का आधार होती है।

Volunteer corps

स्वयंसेवक दल किसी कार्य-विशेष अथवा सेवा-विशेष में स्वेच्छा से भाग लेने वाले व्यक्तियों का दल अथवा समूह; सैनिक सेवा में स्वेच्छा से भाग लेने वाले असैनिक व्यक्तियों का समूह या दल।

Vote of censure

निंदा-प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया गया सरकार के कार्यों एवं रीतियों-नीतियों की निंदा करने वाला प्रस्ताव। इस प्रकार के प्रस्ताव में यह आवश्यक है कि इसमें उन आरोपों के आधार बताए जाएँ जिन पर सरकार की निंदा की जानी है। भारतीय संविधान के अंतर्गत लोकसभा के प्रक्रिया-नियमों में निंदा-प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए पृथक् रूप से कोई व्यवस्था नहीं है। इस प्रकार का प्रस्ताव सामान्य प्रस्तावों के संबंध में लागू होने वाले नियमों द्वारा ही नियमित होता है और उसे अनियत दिवस प्रस्ताव के रूप में ग्रहण किया जा सकता है। निंदा-प्रस्ताव मंत्रिपरिषद, व्यक्तिगत मंत्री अथवा कुछ मंत्रियों की असफलताओं अथवा त्रुटियों के संबंध में प्रस्तुत किया जा सकता है। इस प्रकार का प्रस्ताव नियमानुसार है या नहीं, इस संबंध में अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है।

Vote of no confidence

अविश्वास प्रस्ताव वह प्रस्ताव जिसके अनुसार संसद में सरकार के विभिन्न कार्यों एवं रीतियों-नीतियों के लिए सरकार पर दोषारोपण लगाए जाते हैं और जिसके पारित होने पर सरकार को त्यागपत्र देना पड़ता है। भारत में लोकसभा के प्रक्रिया नियमों [नियम 198 (i)] के अनुसार मंत्रिपरिषद के प्रति सामूहिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव ग्राहय हो सकता है। यदि कोई सदस्य सदन में मंत्रिपरिषद् के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव रखने का इच्छुक है तो उसे सदन की बैठक आरंभ होने से पूर्व सचिव को प्रस्ताव की लिखित सूचना देनी पड़ती है। इस प्रकार की सूचना पर प्रश्र काल के तुरंत बाद तथा दिवस की कार्य-सूची पर चर्चा प्रारंभ होने से पहले विचार किया जाता है। यदि अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव को नियमानुसार ठहराता है तो जिस सदस्य ने प्रस्ताव की सूचना दी हो वह प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए सदन से अनुमति देने की प्रार्थना करता है। इसके पश्चात अध्यक्ष सदन के सदस्यों से कहता है कि जो सदस्य प्रस्ताव प्रस्तुत करने के पक्ष में हों वे अपने स्थानों पर खड़े हो जाएँ। यदि कम से कम 50 सदस्य अपने स्थानों पर खड़े हो जाएँ तो समझा जाता है कि सदन ने प्रस्ताव रखने की अनुमति दे दी है। जिस दिन सदन प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने की अनुमति देता है, उसके दस दिन के भीतर ही प्रस्ताव पर चर्चा होनी आवश्यक है। सदन के सदस्यों द्वारा प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करने के पश्चात् प्रधानमंत्री सरकार पर लगाए गए आरोपों का उत्तर देता है। प्रस्तावक को भी उत्तर देने का अधिकार है। प्रस्ताव पर वाद-विवाद होने के पश्चात् अध्यक्ष प्रस्ताव पर सदन का निर्णय लेता है। अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार होने पर मंत्रिमंडल को त्यागपत्र देना पड़ता है।

Voter

मतदाता चुनावों में मतदान का अधिकारी नागरिक। राज्य के विधानमंडल तथा अन्य प्रांतीय एवं स्थानीय विधायी निकायों के प्रतिनिधियों का निर्वाचन करने के लिए मतपत्र द्वारा अपना मत व्यक्त करनेवाला व्यक्ति। वर्तमान काल में अऩेक देशों (भारत, अमेरिका, ब्रिटेन) ने 18 वर्ष की आयु के वयस्क नागरिकों को मताधिकार देना स्वीकार कर लिया है।

Voting

मतदान 1. शासन-व्यवस्था में प्रतिनिधियों को निर्वाचित करने की रीति व प्रक्रिया। 2. किसी प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में मत व्यक्त करने की प्रक्रिया।

Voting behaviour

मतदान-आचरण निर्वाचनों में मतदाता के आचरण को प्रभावित करने वाले तथ्यों एवं कारकों का अध्ययन एवं विश्लेषण अर्थात् किन बाह्य एवं आंतरिक तथ्यों से मतदाता का निर्णय प्रभावित होता है। इसमें उन नागरिकों का आचरण भी शामिल है जो मतदान करने नहीं जाते हैं।

Vox populi, vox dei

जनता की आवाज़ ईश्वर की आवाज़, जनवाणी प्रभुवाणी आधुनिक युग में लोकतंत्रात्मक शासन-प्रणाली का मुख्य आधार। लोकतंत्रात्मक शासन – प्रणाली में जनता की आवाज़ को ईश्वर की आवाज़ कहा गया है। जिस प्रकार ईश्वरीय आदेश की अवज्ञा नहीं की जा सकती है उसी प्रकार लोकतंत्र में शासन का कोई भी अंग जनता की इच्छा या भावनाओं की अवहेलना नहीं कर सकता और इस प्रकार ईश्वरीय आदेश मानकर उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
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